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अंक की तस्वीर

एनएचपीसी के 510 मेगावाट तीस्ता-V पावर स्टेशन, सिक्किम को इंटरनेशनल हाइड्रोपावर एसोसिएशन (IHA) से मिला 'ब्लू प्लैनेट प्राइज़'   श्री ए.के. सिंह, सीएमडी, एनएचपीसी और श्री बाई.के. चौबे, निदेशक (तकनीकी), एनएचपीसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण तीस्ता V पावर स्टेशन को मिले आईएनए- ब्लू प्लैनेट प्राइज' ट्रॉफी के साथ   एनएचपीसी के 510 मेगावाट तीस्ता-V पावर स्टेशन जो कि हिमालयी राज्य सिक्किम में स्थित है,  को 120 देशों में संचालित लंदन स्थित गैर लाभकारी सदस्यता संघ इंटरनेशनल हाइड्रोपावर एसोसिएशन (आईएचए) द्वारा प्रतिष्ठित 'ब्लू प्लेनेट प्राइज' से सम्मानित किया गया है। एनएचपीसी के स्वामित्व वाले इस पावर स्टेशन का निर्माण एनएचपीसी द्वारा किया गया है और संचालन भी एनएचपीसी द्वारा किया जा रहा है। तीस्ता-V पावर स्टेशन के लिए इस पुरस्कार की घोषणा 23.09.2021 की वर्ल्ड हाइड्रोपावर कांग्रेस 2021 के दौरान की गई। यह पुरस्कार तीस्ता-V पावर स्टेशन को आईएचए के हाइड्रोपावर सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट प्रोटोकॉल (एचएसएपी) के ऑपरेशन स्टेज टूल का उपयोग करके 2019 में आईएचए के मान्यता प्राप्त लीड असेसर्स की एक टीम द्वारा किए गए इसकी सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट के आधार पर प्रदान किया गया।   इस अवसर पर बोलते हुए श्री ए.के. सिंह, सीएमडी, एनएचपीसी ने कहा, "तीस्ता-V पावर स्टेशन का सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट हमारे संगठन के लिए सीखने का अनुभव था ...

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 |    October 21, 2021

पर्यावरण वार्ता (अंक 17)

पर्यावरण के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करना आवश्यक है, इस सम्बन्ध में महात्मा गाँधी अनुकरणीय हैं। एक संत, एक युगप्रवर्तक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में हम उन्हें जानते हैं परंतु एक पर्यावरण चिंतक के रूप में भी उनकी अनिवार्य रूप से चर्चा होनी चाहिये। विचार कीजिये कि पहनावे में खादी का प्रयोग, दार्शनिकता में अहिन्सा के तत्व तथा जीवन शैली में स्वच्छता का अनुसरण, क्या पर्यावरण संरक्षण के मूल सिद्धांत नहीं हैं ? गाँधी जी मानते हैं कि प्रकृति हमें पहनने-खाने का इतना कुछ देती है कि किसी लोभ के लिये उसका दोहन अनुचित है। यह धरती, इसमें बसने वाले प्रत्येक पेड़ पौधे और जीवजंतु की है, साथ ही जो गंदगी अथवा प्रदूषण जिसने फैलाया है उसको ही स्वच्छ करना होगा। इन तीन बिंदुओं पर ध्यान पूर्वक विचार करें तो आज पर्यावरण प्रिय जीवन शैली अपनाने के जो विचार हैं, सतत विकास की जो अवधारणा है एवं ‘पॉल्यूटर पेज़’ से जुड़ी नियमावलियाँ हैं, सब कुछ महात्मा गाँधी की विचार प्रक्रिया से उत्पन्न जान पड़ता है। उनका प्रसिद्ध कथन इसीलिये बार-बार वैशविक मंचों से उद्धरित भी किया जाता है कि प्रकृति सभी मनुष्यों की आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है, उनके लालच को नहीं। “ 2 अक्टूबर को ...

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 |    October 21, 2021

Global Climate Risk Index 2021

Image source : https://www.studymarathon.com/daily-news-en/global-climate-risk-index-2021/   The Germanwatch Global Climate Risk Index is an analysis based on one of the most reliable data sets available on the impacts of extreme weather events and associated socio-economic data, the MunichRe NatCatSERVICE.   The Global Climate Risk Index indicates a level of exposure and vulnerability to extreme weather events, which countries should understand as warnings in order to be prepared for more frequent and/or more severe events in the future. The index focuses on extreme weather events such as storms, floods and heat waves but does not take into account important slow-onset processes such as rising sea levels, glacier melting or ocean warming and acidification. It is based on past data and is not be used as a basis for a linear projection of future climate impacts, etc. The index analyses and ranks to what extent countries and regions have been affected by impacts of climate-related extreme weather events, their level of exposure and vulnerability.   The Climate Risk Index (CRI) report 2021 is the 16th edition of the annual report and has taken into account the data available from 2000 to 2019. Data from 180 countries were analyzed. The key findings of the report ...

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 |    October 21, 2021

“खज़ानों के हीरे : बावड़ी जल संचय की पारंपरिक प्रणाली”

चित्र आभार – रितुमाला गुप्ता , वरिष्ठ प्रबंधक (पर्यावरण)   प्राचीन काल से ही भारत में जल के महत्व को समझते हुए जल संरक्षण एंव प्रबंधन के कार्य किए गए हैं। मुख्य रूप से “वर्षा जल संचय” - जल संरक्षण की एक प्राचीन परंपरा है जो वर्तमान परिदृश्य में अधिक प्रासंगिक हो गयी है। जल संरक्षण और प्रबंधन तकनीकों में अंतर्निहित मूल अवधारणा यह है कि वर्षा का पानी जब भी और जहां भी गिरे उस जल का संरक्षण किया जाना चाहिए। पुरातात्विक साक्ष्यों से पता चलता है कि जल संरक्षण और प्रबंधन की प्रथा, प्राचीन भारत के विज्ञान में गहराई से निहित है। प्राचीन भारत में बाढ़ और सूखा दोनों नियमित घटनाएँ थीं एवं यह एक कारण हो सकता है कि देश के हर क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं और सांस्कृतिक विशिष्टताओं के आधार पर पारंपरिक जल संरक्षण और प्रबंधन तकनीक उपायों का निर्माण किया गया होगा । हमारे देश के जल संरक्षण और प्रबंधन के विरासत को दर्शाने के लिए जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020 में “"भारत की तरल संपत्ति के लिए बावड़ी - खानदानी ख़ज़ाने  ( http://jalshakti-dowr.gov.in/sites/default/files/eBook/eBook-Stepwell/mobile/index.html"  पुस्तिका प्रकाशित कि गयी है और बावड़ी को खानदानी ख़ज़ानों  का दर्जा दिया गया है।   सदियों के अनुभव ...

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 |    October 21, 2021

निम्मो बाजगो पावर स्टेशन में मत्स्य प्रबंधन योजना का सफल कार्यान्वयन

चित्र आभार : लेखक   परिचय: जलविद्युत परियोजनाओं ने क्षेत्र के सतत विकास में हमेशा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जलविद्युत विकास, सामाजिक व आर्थिक बेहतरी और पर्यावरण संरक्षण के साथ आता है। पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर जलविद्युत के निर्माण के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है जिसमें जलीय पारिस्थितिकी भी शामिल है। यह उल्लेख करना आवश्यक है की जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के घटक जैसे मत्स्य और उसका वैज्ञानिक प्रबंधन  जलविद्युत परियोजनाओं  के पर्यावरण प्रबंधन का अभिन्न अंग है। एनएचपीसी ने पर्यावरण के प्रति हमेशा एक  जागरूक संगठन के रूप में पर्यावरण प्रबंधन योजनाओं को लगातार प्रतिबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया है , जिसे विभिन्न मंचों पर समय-समय पर सराहा गया है। यह लेख निम्मो बाजगो पावर स्टेशन में कार्यान्वित मत्स्य प्रबंधन योजना एवं इससे प्राप्त सामाजिक लाभ पर प्रकाश डालता है।   क्षेत्र का विवरण: लद्दाख का क्षेत्र एक विरोधाभास है - लद्दाख से होकर बहने वाली शक्तिशाली सिंधु नदी के बावजूद, यहां ठंडे रेगिस्तान जैसी स्थिति बनी रहती है। ज़ांस्कर और लद्दाख पर्वत शृंखला बारिश के बादलों को लद्दाख प्रवेश करने से रोकते हैं फलस्वरूप सालाना वर्षा औसतन मात्र 9 से 10 से.मी. है। सिंधु नदी मानसरोवर झील (ऊँचाई 5180 मीटर) के पास पश्चिमी तिब्बत में कैलास ...

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 |    October 21, 2021

Interesting Facts about Mexican Coriander / Culantro

Photo source:  Author   Introduction : Mexican Coriander or Culantro (Eryngium foetidum) belongs to family Apiaceae and used as a spice as well as medicinal plant. It is a tropical perennial & annual herb and a native of Mexico and South America. It is also called long coriander, because it is used as a substitute of Coriander. Culantro is a tap-rooted biennial herb with long evenly branched roots. The oblanceolate leaves arranged spirally around the short thick stem from a basal rosette and are as much as 30 cm long and 4 cm broad. The leaf margin is serrated and each tooth of the margin contains a small yellow spine. The plant produces a well-branched cluster of flower heads in spikes forming the characteristic umbel inflorescence on a long stalk arising from the center of the leaf rosette. The calyx is green while the corolla is creamy white in color. The appearance of culantro and cilantro (i.e. coriander) are different but the leaf aromas are similar, although culantro is more pungent. Because of this aroma similarity the leaves are used interchangeably in many food preparations and are the major reason for the misnaming of one herb for the other.   ...

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 |    October 21, 2021

एनएचपीसी ने आयोजित किया वन महोत्सव 2021

जुलाई के पहले सप्ताह (1 से 7 जुलाई) में वनों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वन महोत्सव मनाया जाता है। यह एक वार्षिक वृक्षारोपण उत्सव है, जिसमें पूरे देश में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है। एनएचपीसी ने हरियाणा वन विभाग, फरीदाबाद के सहयोग से 9 अगस्त 2021 को वनमहोत्सव 2021' कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण संवर्धन और हरीतिमा के विस्तार करने के उद्देश्य से किया। इस अवसर पर दिल्ली मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएचपीसी चौक के निकट वृहद पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम का आरम्भ माननीय श्री ए.के. सिंह, सीएमडी, एनएचपीसी तथा श्री राज कुमार, आईएफएस, उप वनसंरक्षक, फरीदाबाद द्वारा पौधा लगा कर किया गया। कार्यक्रम में एनएचपीसी के निदेशकगण श्री एन.के.जैन, निदेशक (कार्मिक), श्री वाई.के. चौबे, निदेशक (तकनीकी) और श्री ए.पी.गोयल, निदेशक (वित्त) द्वारा पौधे लगाए गए। तत्पश्चात एनएचपीसी के अधिकारियों द्वारा पौधे लगा कर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारों को हरा भरा किया गया। वन महोत्सव 2021 के तहत हरियाणा वन विभाग, फरीदाबाद द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न प्रजातियों के सात सौ पौधे लगाये गये जिनमें पीपल (Ficus religiosa ), कदम्ब (Neolamarckia cadamba ) , नीम  (Azadirachta indica), करंज (Millettia pinnata ) आदि भूमि को शीघ्र हरा भरा कर देने वाले और छायादार पौधे लगाए ...

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 |    October 21, 2021

निगम मुख्यालय में वन महोत्सव – 2021 के उपलक्ष में पौधा वितरण

वन महोत्सव - 2021 का आयोजन दिनांक 9/08/2021 को एनएचपीसी एवं वन विभाग, फरीदबाद द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इसी क्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रसारित करने एवं पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता निभाने के उद्देश्य से दिनांक 10/08/2021 को एनएचपीसी कार्यालय परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मध्य पौधों का वितरण किया गया। विभिन्न प्रजातियों के आठ सौ फलदार तथा औषधीय पौधों का वितरण किया गया, जिसमे सहजन, जामुन, गिलोय, तुलसी, अशोक, सदाबहार, अमरूद, नीम जैसे पौधों को वितरित किया गया। निगम में कार्यरत कार्मिकों ने बढ़-चढ़ कर इस अभियान में रुचि दिखाई और वितरित किये जा रहे पौधों को प्राप्त किया।  

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 |    October 21, 2021

International Day of Women Workshop organized at NHPC.
#womanpower #hydropower #nhpcltd

NHPC pays interim dividend of Rs. 890.85 crore to Government of India for the financial year 2020-21.
#hydropower #ministryofpower #nhpcltd #interimdividend

Power Minister Shri RK Singh Launches Amrit Mahotsav in Power and Energy Sector by initiating Energy Efficiency Enterprise (E3) Certifications programme for brick sector.
@RajKSinghIndia @PIB_India @DDNewslive @airnewsalerts
#AmritMahotsav
For details:
https://t.co/bwEbfI04B6

NHPC pays interim dividend of Rs. 890.85 crore to Government of India for the financial year 2020-21.
#hydropower #ministryofpower #nhpcltd #interimdivdend

NHPC achieves highest ever collection in a Financial Year.
#hydropower #nhpcltd #ministryofpower #revenue

NHPC provides 250 LPH RO water system to National Association for the Blind under CSR-SD
#hydropower #nhpcltd #csr

A health talk on “Cervical Cancer Prevention” was given by Dr. Neema Sharma, Senior Consultant, Fortis Hospital. Female employees shared their experience at work and other fields in a show of solidarity.

An interactive session was taken up on “Women in leadership: Achieving an equal future in a COVID-19 world” by Dr. Sudha Acharya, Secretary, National Progressive School Conference.

Further, CMD reiterated IREDA's commitment to achieving a balance in gender equality in leadership roles across the organization, and boosting the percentage of women employees in the company, which currently stands at 24%.

@IREDALtd celebrated #InternationalWomensDay with felicitation of women employees &dedicating to encourage women leadership in all work areas. Sh PK Das, CMD, IREDA extended his warmest wishes to all female employees & called upon them to hone their skills in diversified fields.

Shri AK Singh, CMD @nhpcltd Limited NHPC graced the occasion as a special guest. Shri Chintan Shah, Dir (Tech), IREDA and other senior officials also took part in the event. As a part of celebration, women employees portrayed their talent in a session titled “Mehfil-e-Hunar”.

All women team runs NHPC’s Chamera-II Power Station (300 MW) to showcase woman power on International Women's Day 2021.
#InternationalWomensDay #WomensDay #womenpower #hydropower #nhpcltd

#InternationalWomensDay #WomensDay #womenpower #hydropower #nhpcltd

NHPC organizes Hindi Kavi Sammelan.
#hydropower #nhpcltd

https://t.co/77v7Lgfrjh

CMD, NHPC meets Chief Secretary of Sikkim.
#hydropower #nhpcltd #ChiefSecySikkim

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