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इस अंक की तस्वीर

Orchid : Dendrobium anceps Sw.     उपरोक्त तस्वीर एनएचपीसी के तीस्ता लो डैम-III एवं IV परियोजनाओं के अंतरगर्त स्थापित ऑर्किडेरियम (Orchidarium) एवं वनस्‍पतिशाला (Arboretum) में पुन : स्थापित किए गए जंगली ऑर्किडस में से एक ऑर्किड नामत: Dendrobium anceps Sw. की है। यह ऑर्किडेरियम/वनस्‍पतिशाला वन्यजीव/जैव विविधता संरक्षण योजना के अंतर्गत ‘रियांग, दार्जलिंग जिला, पश्चिमी बंगाल’ में दार्जिलिंग वन विभाग एवं नॉर्थ बंगाल विश्व विद्यालय के माध्यम से विकसित किया गया है । ऑर्किड की यह प्रजाति 200 से 1400 मीटर की ऊंचाई पर असम, बांग्लादेश, पूर्वी हिमालय, नेपाल, भूटान, सिक्किम, अंडमान द्वीप समूह, म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया, निकोबार द्वीप समूह और वियतनाम में उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण घाटियों में पाया जाता है। एक फूल आमतौर पर कुछ हफ़्ते तक रहता है। फूल में एक अलग खुशबू (एप्पल-पाई की तरह ) पाई जाती है । इसके फूल सुबह में सुगंधित होते हैं। Dendrobium anceps Sw.  को उनके सुंदर पर्णसमूह के लिए भी जाना जाता है। इस खूबसूरत आर्किड के अस्तित्व के लिए, संरक्षण कार्य करना आवश्यक है।   रितुमाला गुप्ता, वरिष्ठ प्रबंधक (पर्यावरण)

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 |    November 9, 2020

पर्यावरण वार्ता (अंक 13 )

  पर्यावरण ब्लॉग के नवीन अंक में हम सतत विकास की संकल्पना पर बात करते हैं। संज्ञान में लें कि पर्यावरण और विकास की बहस बहुत पुरानी है तथा दोनों को एक-साथ देखने की दृष्टि ही सतत विकास की अवधारणा है। पहले ही महात्मा गाँधी ने भांप कर कहा था कि “प्रकृति प्रत्येक मनुष्य की आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन एक भी मनुष्य के लालच को वह पूरा नहीं कर सकती”, इसे समझते हुए  यदि गंभीरतापूर्वक देखें तो वैश्विक स्तर पर सतत विकास की अवधारणा का जन्म पर्यावरण की चिंताओं के दृष्टिग्त नहीं हुआ है। प्रकृति ने स्वयं अवरोध उत्पन्न किये कि विश्व को अपनी हवा, अपने पानी और अपनी मिट्टी की चिंता  करने के लिये मजबूर होना पड़ा। इस बाध्यता का कारण भी बाजार के हित में ही अंतर्निहित था। व्यापारी हो चुके राष्ट्रों को अपने आर्थिक लाभ प्रभावित होने और उत्पादन प्रणालियों के बंद हो जाने का भय सताने लगा था। जिन राष्ट्रों की पूर्ण निर्भरता अपने औद्योगिक उत्पादनों पर थी वे अब ऐसी तकनीक चाहते थे जो विकास का पहिया भी न रुकने दे और उनके कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों की कुछ रोकथाम भी सम्भव हो।   उत्पादों के द्वितीयक प्रभावों ने भी उत्पादक राष्ट्रों की चिंता बढा दी ...

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 |    November 9, 2020

Frequently Asked Questions (FAQs) 5

Image Source = https://www.eagrovision.com/wp-content/uploads/2019/09/15632752926.jpg   GREENHOUSE GASES AND GLOBAL WARMING    Q. What are Greenhouse Gases? Greenhouse gases are gases in Earth’s atmosphere that trap heat. They let sunlight pass through the atmosphere, but they prevent the heat that the sunlight brings from leaving the atmosphere. The main greenhouse gases are: Water vapor Carbon dioxide Methane Ozone Nitrous oxide Chlorofluorocarbons   Q. What is the Greenhouse Effect? The greenhouse effect is a process that occurs when gases in Earth's atmosphere trap the Sun's heat. This process makes Earth much warmer than it would be without an atmosphere. The greenhouse effect is one of the things that makes Earth a comfortable place to live.   Q. How does the Greenhouse Effect work? As you might expect from the name, the greenhouse effect works like a greenhouse. A greenhouse is a building with glass walls and a glass roof. Greenhouses are used to grow plants, such as tomatoes and tropical flowers. A greenhouse stays warm inside, even during the winter. In the daytime, sunlight shines into the greenhouse and warms the plants and air inside. At night time, it's colder outside, but the greenhouse stays pretty warm inside. That's because the glass walls of ...

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 |    November 9, 2020

Bhringaraj – the little hairy daisies

image source : https://kalakkalsamayal.blogspot.com/2014/03/bhringaraj-thuvaiyal.html   Nomenclature Scientific Name: Eclipta prostrata (Eclipta alba – old) Hindi & Sanskrit: Bhringaraj English: False daisy Tamil: Karisalankanni Ever noticed those little daisies among the weeds? A small herbaceous plant with flowers that look like tiny replicas of the white daisies and asters. With a white and green centre and hairy white little petals closely arranged. If yes, you are looking at the best ever medicine in Ayurved for growing good hair. Commonly called in English as false daisy, Bhringaraj or Eclipta prostrata is considered to be an all in one solution for hairfall, hair growth as well as for a good black colour and texture for hair. Wherever the moms know it, they make special oils for daughters by cooking coconut oil with a paste of bhringaraj leaves, for good hair growth. Bhringaraj is a commonly used ingredient in commercial ayurvedic hair oils as well. But the plant is such a common plant that anybody who has the slightest interest in plants would not miss those tiny little white flowers that grow among weeds in moist places. The plant flourishes at places which are always moist – near paddy fields, drains, and in kitchen backyards ...

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 |    November 9, 2020

पर्यावरण शब्दकोश (7)

Image Source : http://www.kopin.org/food-for-thought/#post/0   क्र. शब्द अर्थ 1 कच्छ (Swamp/Marsh)   यह भूमि का वह क्षेत्र है जो स्थायी रूप से संतृप्त या पानी से भरा होता है। यह मुख्यत: दो प्रकार का होता है- मीठे पानी का कच्छ/दलदल और खारे पानी का दलदल। मीठे पानी के दलदल आमतौर पर अंतर्देशीय, जबकि खारे पानी के दलदल तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। दलदल संक्रमण क्षेत्र हैं। ये न तो पूरी तरह से भूमि हैं और न ही पूरी तरह से पानी। इन्हें अक्सर उन प्रकार के पेड़ों से नामित किया जाता है जो उनमें उगते हैं- जैसे कि सरू के दलदल  (cypress swamp)  या कठोर लकड़ी के दलदल (hardwood swamp) ।   2 क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbon)   क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) कार्बन, फ्लोरीन और क्लोरीन के परमाणुओं से युक्त गैर-विषाक्त व गैर-ज्वलनशील रसायन है। इसका उपयोग एरोसोल स्प्रे के निर्माण, फोम और पैकिंग सामग्री के एजेंटों में तथा रेफ्रिजरेंट और  सॉल्वैंट्स के रूप में किया जाता है।  क्लोरोफ्लोरोकार्बन में मौजूद क्लोरीन परमाणु वायुमंडलीय ओजोन के साथ प्रतिक्रिया कर ओजोन अणुओं के ऑक्सीजन में रूपांतरण का कारण बन, पृथ्वी की ओजोन परत को नुकसान पहुंचाते हैं । सीएफसी के उपयोग पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल द्वारा वैश्विक प्रतिबंध लगाया गया है।   3 खाद (Compost /manure) ...

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 |    November 9, 2020

An eco-friendly wedding

  The colourful flowers and petals, vibrant themes, swinging chandeliers and happily ever after chants that fill the air with love and laughter brings the onset of wedding season in India.  Amidst sonorous and booming musical tones coming from life sized speakers the concept of an eco-friendly wedding becomes just a meagre whisper. A tonne of waste is produced through decorative items, food, disposable plates, cups, used tissues, etc. Colossal amount of plastic waste, food waste, food leftover is generated during such ceremonies. As we know plastic takes hundreds of years to decompose, generating more of it has lead to man-made mountains of waste and at some places reaching the height of Qutub Minar in Delhi. Inappropriate knowledge on how to organize various associated events in an environment friendly manner ultimately leads to causing harm to the environment and indirectly to us. Unfortunately, the fact regarding indirect harm to the mankind is understood by very few. Various steps can be taken at wedding functions to avoid sending waste to the already piling landfills.   A few measures that can be easily adopted in wedding scenes are as under:   Going back to steel : This avoids the use of disposables and hence ...

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 |    November 9, 2020

पर्यावरण वार्ता (अंक 12 )

कोविड-19 का प्रकोप विश्व में फैलता जा रहा है। प्रतिदिन ग्लोब पर संक्रमित होने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। मानवता को अपेक्षा करनी चाहिए कि जितनी शीघ्रता से हो सके, कोई प्रभावी दवा अथवा टीके का इजाद हो सके और हम कोरोना प्रसारित महामारी से मुक्ति पा सकें। केवल फैलता हुआ संक्रमण ही समस्या नहीं है, लॉकडाउन के कारण कार्यालय, फैक्ट्रियाँ, स्कूल-कॉलेज, यात्रा-परिवहन सब कुछ हाशिये पर है। लोक, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था थम गई है। विश्व सबसे बड़ी मंदी की तरफ धकेला जा रहा है, अर्थात किसी भी मोर्चे पर कोई अच्छी खबर नहीं, पर क्या सचमुच ऐसा है?     सभी पर्यावरण शोध संस्थानों का मंतव्य है कि वैश्विक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन में बड़ी लगाम लग गई है। अमेरिका के न्यूयार्क से ले कर भारत के मुंबई तक प्रदूषण का स्तर पचास प्रतिशत से भी नीचे गिर गया है (बीबीसी हिन्दी)। इसे इन दिनों दिख रहे नीले और चमकीले आसमान से देखा समझा जा सकता है। गंगा और यमुना जैसी देश की सर्वाधिक प्रदूषित नदियाँ पारदर्शी हो गई हैं। चाँद अधिक चमकीला, तारे अधिक जगमग, फूल अधिक चटखीले और पशु-पक्षी मानव बस्तियों में स्वच्छंद दिखाई पड़ रहे हैं। कई पर्यावरणविदों का मानना है कि यह ...

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 |    July 22, 2020

कोविड-19 : लॉकडाउन और दिनचर्या

Image Source =https://www.lboro.ac.uk/news-events/news/2020/april/coronavirus-lockdown-sleeping-tips/   सोचा नहीं था कभी कि  एक दिन एक खलनायक की कहानी इस तरह से दर्शानी पड़ेगी। आज मानवता के लिए जो सबसे बड़ा खलनायक है वो है कोरोना वायरस (कोविड-19)। कोरोना की कहानी कोई नई नहीं है। इस खानदान के बिगड़ैल वायरसों ने पहले भी कई बार मानव सभ्यता पर हमला किया है, लेकिन हर बार इंसानी जज्बे ने उस पर जीत हासिल की है। मगर हर पराजय के बाद वायरसों ने पहले से ज्यादा शक्ति हासिल कर इंसानों पर हमला किया है। एक बार फिर इस वंश के कोविड-19 ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है।   हमारे भारत देश में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशहित में 22 मार्च 2020 (01 दिन) को जनता कर्फ़्यू (लॉकडाउन);  तत्पश्चात 25 मार्च से 14 अप्रैल (21 दिन) का लॉकडाउन(1.0); 15 अप्रैल से 03 मई (19 दिन) का लॉकडाउन(2.0); 04 मई से 17 मई (14 दिन) का लॉकडाउन(3.0); पुनः 18 मई से 31 मई (14 दिन)  का लॉकडाउन(4.0) का एलान देशभर में किया गया। लॉकडाउन का मकसद कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकना है। इस दरम्यान लोगों को घरों में रहने को कहा गया।जून 2020 से पुरे देश में अनलॉकिंग की प्रक्रिया विभिन्न चरणों ...

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 |    July 22, 2020

CMD, NHPC meets Hon’ble Minister of Rural Management & Development, Govt. of Sikkim.
#hydropower #nhpcltd

Today the power demand breaches the previous record ; touched 1,87,300 MW at 10:28 am; Underscores the growing strength of our economy. : said @RajKSinghIndia in a tweet

https://t.co/wMXgIQkWAF

Cabinet approves the Investment Proposal of Rs. 5281.94 crore for 850 MW Ratle Hydro Power Project. #manojsinha_ #RKSingh #hydropower #nhpcltd #RevolutionInPowerSector

Watch Video HereDown 👇
https://t.co/MG5GayuIco

Direct & indirect employment to around 4000 persons through construction activities of the Project; will contribute in overall socio-economic development of Jammu and Kashmir: Lt Governor @manojsinha_

#RevolutionInPowerSector #NayaJammuKashmir

Union Territory of J&K will be benefitted with free power of around Rs. 5289 crore and Rs.9581 crore with Water Usage Charges from Ratle Hydro Electric Project, during Project life cycle of 40 years, says the Lt Governor

#RevolutionInPowerSector

To make the Project viable, the UT Government will extend exemption from levy of Water Usage Charges for 10 years after commissioning of the project, reimbursement of State's share of GST (i.e. SGST) & waiver of free power in a decremental manner.

#RevolutionInPowerSector

LG says the Ratle Hydro Electric Project to be commissioned within a span of 60 months. The Power generated from the Project will help in providing balancing of Grid and will improve the power supply position.

#RevolutionInPowerSector

Government of India is also supporting the UT of J&K by providing grant of Rs. 776.44 crore for Equity contribution of JKSPDC in the JVC for construction of Ratle HE Project: Lt Governor

#RevolutionInPowerSector #NayaJammuKashmir

Investment of Rs.5281.94 crore for HEP located on river Chenab, in Kishtwar by a new Joint Venture Company to be incorporated between NHPC & JKSPDC with equity contribution of 51% &49% respectively.

#RevolutionInPowerSector #NayaJammuKashmir

Jammu & Kashmir is witnessing unprecedented growth in every sector. We are unlocking J&K potential to be self-reliant in energy sector within short span of time: Lt Governor @manojsinha_

#NayaJammuKashmir #RevolutionInPowerSector

J&K was deprived of this mega Project for so long as the previous regimes were scared of Pakistan’s threats of litigation at International forum.The strong leadership of Prime Minister Narendra Modi has ensured that it sees the light of the day,says the Lt Governor @manojsinha_

Lt Governor @manojsinha_ holds Press Conference; announces approval of 850MW Ratle Hydro Electric Project (HEP) by Union Cabinet today chaired by Prime Minister Narendra Modi;terms it a historic milestone for making J&K power surplus UT

#RevolutionInPowerSector #NayaJammuKashmir

4

Lt Governor @manojsinha_ thanks PM Sh. Narendra Modi for approving 850 MW Rattle Hydroelectric Power Project over river Chinab.
@ANI @OfficeOfLGJandK @kansalrohit69 @nitishwarKumar @DrSyedSehrish

2

Rattle Hydroelectric Power Project will generate atleast 4000 employment avenues. NHPC and JKSPDC will jointly construct the project
@manojsinha_ @OfficeOfLGJandK @kansalrohit69 @nitishwarKumar @DrSyedSehrish @ANI

Cabinet approves signing of Memorandum of Understanding between India and Uzbekistan for cooperation in the field of Solar Energy. #CabinetDecisions

@PIB_India @MinOfPower @RajKSinghIndia @power_pib

Details: https://t.co/Fl9U0JDtgu

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